Monday, October 19th, 2026

1 करोड़ की संपत्ति खरीदी पर अब आएगा 1.91 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ

इंदौर
प्रॉपर्टी की गाइडलाइन में 1 अप्रैल से औसतन 18.21 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव बन गया है। दो साल पहले इसमें 20 फीसदी की कटौती की थी, लेकिन तब 2 फीसदी की ड्यूटी बढ़ाकर रजिस्ट्री शुल्क को साढ़े 10 फीसदी से 12.50 फीसदी कर दिया था। रजिस्ट्री शुल्क तो कम नहीं हुआ, लेकिन अब जिले की गाइडलाइन को फिर से पुरानी स्थिति में लाया जा रहा है। यह प्रस्ताव लागू होने पर दो साल की तुलना में आम व्यक्ति को 1 करोड़ की संपत्ति खरीदी पर अब 1 लाख 91 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा।

क्रेडाई के चेयरमैन लीलाधर माहेश्वरी कहते हैं कि गाइड लाइन बढ़ाने का यह सही समय नहीं है और यदि लगता है कि यह बढ़ाना जरूरी है तो फिर दो साल पहले बढ़ाई गई 2 फीसदी ड्यूटी को वापस लेकर इसे साढ़े 10 फीसदी पर लाना चाहिए। खासकर मध्यमवर्गीय को राहत देने के लिए तो सरकार को 1 करोड़ तक की संपत्ति पर यह शुल्क 10 फीसदी से नीचे लाना चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद को कम से कम बोझ आए।

गाइडलाइन बढ़ाने के लिए तर्क दिया गया है कि बाजार में संपत्ति के अधिक मूल्य पर सौदे हो रहे हैं, लेकिन इस तर्क को सही मानने के बाद भी यही गाइडलाइन रहने पर सरकार को नुकसान इसलिए नहीं था, क्योंकि अधिक मूल्य पर सौदा पंजीबद्ध होने पर पंजीयन एक्ट में अंतर राशि पर पांच फीसदी अतिरिक्त शुल्क लेने का प्रावधान है। यानी यदि किसी संपत्ति का गाइडलाइन में मूल्य 30 लाख रुपए है और कोई व्यक्ति 40 लाख में सौदा रजिस्टर्ड कराता है तो उसे 30 लाख रुपए पर 12.50 फीसदी ड्यूटी लगती है और शेष 10 लाख पर पांच फीसदी अतिरिक्त शुल्क देना होता है, यानी सरकार को बढ़े सौदे पर अतिरिक्त शुल्क मिलता है।

जिला मूल्यांकन कमेटी द्वारा गाइडलाइन में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पास करने के साथ ही एक बार फिर सौदे तेज हो गए हैं। वित्तीय साल का अंतिम माह होने के चलते अब छुट्टियों के दिन भी पंजीयन दफ्तर खुल रहे हैं और इसका फायदा उठाते हुए लोगों ने इंदौर में प्रॉपर्टी के 364 सौदे पंजीबद्ध कराए हैं, इससे करीब 40 करोड़ रुपए की संपत्तियों की खरीदी-बिक्री दर्ज हो गई। वहीं मध्यप्रदेश शासन ने इस महीने 20, 21 और 28 मार्च को शासकीय अवकाश होने पर भी पंजीयन दफ्तर खुले रखने के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

#संपत्ति खरीदी

Source : Agency

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